Wednesday, November 27, 2013

ससुर जी ने पत्नी बनाया - 2

पहले दिन ससुर जी से चुदने के बाद मैं धन्य हो गयी और फिर हम लोग रोज़ चुदाई करने लगे क्यूँ के उन का बबेटा  यानी मेरा पति दिन मैं बहारबाहर सोती थी  अब मुझे रात भर भर ससुर जी की चुदाई याद आती रहती थी और मैं तड़पड़ाती रहती थी

एक दिन मैं ससुर जी से इस बारे मैं बात की और उन्हें बताया के मैं रात मैं उन की चुदाई के लिए तड़पड़ाती हूँ अह भी बोले के उन्हें भी रात भर मेरी ही याद आती रहती है

यह सुन कर मैं ने उन से कहा "क्यूँ न मैं रात को भी आप के बेड  रूम मैं ही सोने लगूं  ? 

" कौन रोक सकता है हमें "  
किस की मजाल है जो मुझे तुम्हे अपने साथ सुलाने से रोके ? "ससुर जी तैश मैं आ कर बोले

उसी शाम को ससुर जी ने अपने बेटे को बोल दिया कि आज से पुष्पा मेरे साथ सोयेगी

मेरे पति ने बस "ठीक है बाबू जी " बोला और मुझे लगा वह इस बात से खुश ही था

रात होने से पहले मैं ने नयी दुल्हन जैसा श्रृंगार किया और ससुर जी कमरे को फूलों से सजाया फिर दूध का गिलास ले कर उन के कमरे मैं गयी, ससुर जी ने मेरी मांग मैं सिन्दूर डाला मुझे मंगल सूत्र पहनाया फिर  हम ने एक दुसरे को पति पत्नी मान लिया उस रात हम ने चार बार  सम्भोग किया

अगले दिन मेरे ससुर पहले मुझे कोर्ट ले गए और अपनी सारी सम्पति मेरे नाम कर दी फिर हम एक टैटू बनाने वाले के पास गए और मैं ने अपनी चूत के ऊपर ससुर जी के नाम का टैटू बनवाया

वहाँ से निकल कर हम डॉक्टर के पास गए और डॉक्टर से कह कर मैं ने कॉपर टी डलवा ली जिस से इस मस्त चुदाई के बीच बच्चे वच्चे की बात न आ जाये वैसे मैं ने ससुर जी को कह दिया था कि कुछ टाइम के बाद मैं उन के बच्चे की माँ भी बनूंगी

फिर घर मैं  मेरे कपडे पहनना काफी कम हो गया मैं अक्सर घर में या तो पूरी नंगी या ब्रा पेन्टी  मैं घूमती रहती ससुर जी जब चाहे मेरे मूमे, चूतड़, जाघों पर अपने हाथ और होंठ लगा कर मजे ले लेते लगभग हर रोज़ ही हम लोग साथ साथ नहाते थे हफ्ते मैं एक दो बार मैं रेज़र ले कर कर उन की झांटे साफ़ करती और वह मेरी चूत पर शेविंग क्रीम लगा कर उस को सफा चट करते जब भी ऐसा होता तब वह शेविंग केबाद मेरी चूत पर जीभ लगा कर उस को चाट ने लगते जब तक मैं अपनी चूत का सारा रस उन की मुंह पर नहीं छोड़ देती

इस सब प्यार के बदले ससुर जी ने मुझे कई सेक्सी सेक्सी नाइटी और ब्रा पेंटी के सेट दिलवाये

ससुर जी रोज़ अपनी फरमायश मुझे बता देते और मैं शाम को वैसी ही बन कर उन को प्यार देती जैसे एक दिन उन्होंने कहा "आज तू मेरी गर्ल फ्रेंड "उस दिन मैं ने जीन्स और टाइट टॉप पहना जिस मैं मेरे मोम्मे खूब उभर कर दिख रहे थे और बाल खुले छोड़ दिए मेरा यह नया रूप देख कर ससुर की पूरी तरह मस्त हो गए और उन की मस्ती उन की  चुदाई की तेजी मैं दिखाई दे रही थी उस रात उन्होंने मेरे मोम्मे मसल मसल कर मेरी जान निकाल डाली थी

एक और दिन उन्होंने मुझे बोला "आज तू  मेरी रंडी" उस दिन मैं ने चीप सा मेक उप किया , खूब लिपस्टिक लगा कर उन से रण्डियों जैसी बातिएँ करके उन की वासना को भडकाती रही बिस्तर पर उस रात मैं ने उन के ऊपर आ कर चुदाई की और खूब आवाज़ें निकाल निकाल कर मस्ती बढ़ाती रही


एक दिन बात बात मैं ससुर जी ने कहा के अगर वह मेरी कोरी चूत मिलती जो अच्छा लगता, मैं ने उन्हें कहा कि माना के मैं उन को कोरी चूत  नहीं दे सकती पर मेरी गांड तो कोरी ही है  वह मेरी कोरी गांड ले सकते हैं ससुर जी ने बताया की मेरी सासु मान ने  भी उन को गांड नहीं मारने दी थी और मेरी गांड उन के जीवन की पहली कोरी गांड होगी    
उस रात मैं ने अपनी गांड अपने ससुर को पेश करने की की पूरी तैयारी करी पहले गांड के छेद को अच्छे से साफ़ किया फिर उस के अंदर थोडा मक्खन घुसा कर लगाया

रात को ससुर जी का लुंड बुरी तरह फन फ़ना रहा था और इतना बड़ा और मोटा हो गया था कि मुझे एक बार तो दर ही लगने लगा फिर मैं हिम्म्त करी और उन के सामने अपने उस गुलाबी छेद को खोल दिया जिस मैं अभी तक उंगली को छोड़ कर कुछ भी नहीं गया था

मेरे ससुर जी ने मेरा बहुत ध्यान रखा और बहुत ही धीरे धीरे मेरी गांड का उद्घाटन किया

सब से पहले तो उन्होंने अलमारी से सोने का डायमंड से जड़ा एक कड़ा निकला और उस को अपने लंड पर पहन कर बोले
पुष्पा मेरी जान अब जब मेरे लंड का पानी निकाल कर यह ढीला पड़ेगा तब से यह कड़ा तेरा यह सुनते ही मैं गदगद हो गयी और लगा के जल्दी से उस मोटे भुजंग को अपनी गांड मैं उतार लूं

फिर उन्होंने अपनी जीभ से मेरी गांड के छेद को खूब चाटा जिस से मैं पूरी मस्त हो गयी और गांड का छेद अच्छे से गीला हो गया और थोडा खुल गया


उस के बाद काफी देर तक वह अपने लण्ड के सुपारे को मेरी गांड के छेद पर रगड़ते रहे और दबाव बहुत धीरे बढ़ाते गए यह सब इतना धीरे धीरे और मस्ती के साथ हुआ के मुझे बस उस वक़्त थोड़ी सी दर्द हुयी जब उनके लन्ड के सुपारे ने मेरी गांड के छल्ले को पार किया एक बार थोड़ी सी दर्द हुयी

उस रात हमने कमरे की लाइट जला रखी थी बिस्तर पर कुछ इस तरह थे के मेरी चुदाई का सीन मुझे सामने ड्रेसिंग टेबल के शीशे मैं दिखे और  मैं जब जब उनके मोटे हथियार को अपनी गांड मैं घुसते देखती थी तो बड़ा मजा आता था

धीरे धीरे मेरी मस्ती और गांड का छेद ऐसा हो गया कि ससुर जी घचा घच मेरी गांड को पेल रहे थे और मुझे खूब मजा आ रहा था

उस दिन की पहली गांड मरवाई के बाद तो हम लोग गांड के छेद के पूरे मजे लेने लगे और माहवारी के दिनों मैं तो सारी चुदाई गांड मैं ही होने लगी

1 comment:

  1. Shadi se phle sasur ji ka loda dekh kr hi shadi kiya kro taki hijra pati ke badle me bhu ko saand ghar me hi mil jaave

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