Tuesday, November 12, 2013

जग्गू ने अनु को औरत बनाया

पहली बार रमा को चोदने के बाद जग्गू अब उस को लगातार चोदने लगा

माँ को चोदने के लिए वह हर हफ्ते रमा के शहर चला जाता और उन दोनों का सारा समय बेड़ रूम मैं ही बीतता थादो दिन और तीन रात लगातार चुदाई के बाद जब जग्गू वापिस जाता तो मुझे ही रमा का कमरा साफ़ करना पड़ताउस मैं कहीं रमा की पैंटी कहीं ब्रा और ढेर सारे कंडोम बिस्तर के नीचे जग्गू के वीर्य से भरे हुए मिलते। मैं सब कुछ जानते हुए भी इस रिश्ते के बारे मैं कुछ नहीं बोलती थी क्यों की जब से रमा ने जग्गू से चुदाई का सिलसिला चालू किया था तब से वह मुझे भी   के साथ सोने से मना नहीं करती थी इस लिए मैं भी यह सब देख कर चुप रही


रमा और जग्गू की चुदाई से सब से गलत असर पड़ा रमा की बेटी अनु पर

इन्ही दिनों अनु ने एक मुंह बोला भाई बना डाला और वह कभी भी घर मैं आता जाता था और दोनों एक कमरे मैं बैठ कर पढ़ते थेयह बात  जग्गू को पता चल गयी और वह अनु की कुंवारी चूत प्राप्त करने की योजना बनाने लगा

अब आगे की कहानी जग्गू की जुबान से सुनिए :-

एक दिन दोपहर को अनु को मुंह बोला भाई राहुल एक पैकेट हाथ मैं ले कर चुपके से अनु के कमरे मैं घुस गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया  यह देख कर मुझे कुछ शक़ हुआ और मैं कमरे के पीछे वाली खिड़की पर जा कर अंदर का नज़ारा देखने लगा

राहुल ने वह पैकेट अनु के हाथ मैं दिया और बोला "ले इस को पहन कर मुझे दिखा"

अनु पैकेट ले कर बाथरूम मैं गयी और थोड़ी देर मैं बहुत ही सेक्सी ब्रा और पेंटी मैं बाहर आयी

"क्या क़यामत लग रही है तू " राहुल बोला और मैं भी यही सोच रहा था

सुहाग रात कब मनाएगी मेरे साथ " राहुल ने पूछा

चल पागल कहीं का वह सब शादी के बाद"

मैं ने ठान लिया इस की सुहाग रात तो मेरे साथ ही होनी है

अभी तो मुझे इस राहुल को रोकना होगा नहीं तो वह ही इस ब्रा और पेंटी मैं खड़ी कुंवारी कन्या को भोग लेगा

मैं ने अपना मोबाइल फ़ोन निकला और अनु के इस पोज़ मैं फ़ोटो खींच लिए और एक छोटा सा विडिओ क्लिप भी बना लिया फिर सामने जा कर दरवाजा खटखटा दिया। उन दोनों ने बहुत एर लगा कर दरवाजा खोला और दोनों ऐसे बैठे हुए थे जैसे खूब पढ़ाई कर रहे हों.

मैं ने जाते ही राहुल को दो तीन तमाचे दिए और उस को भगा दिया फिर अनु के बाल पकड़ कर पूछा "क्यूँ री क्या कर रही थी इस के साथ"

ताऊ जी हम तो पढ़ रहे थे वह रोते हुए बोली
अच्छा यह पढ़ाई करते हो तुम ? मैं ने मोबाइल निकाल कर एक फ़ोटो उस को दिखा दिया

अब वह एक दम चुप थी और रोती जा रही थी
चल आने दे अपनी माँ को मैं बताऊंगा उस को क्या पढ़ाई कर रही है उस की बेटी
नहीं ताऊ जी प्लीज मम्मी को कुछ मत बताना , आप जो कहोगे वह मैं करूंगी
अनु शायद जानती थी के रमा मेरे कहने पर उस के साथ कुछ भी कर सकती थी
अच्छा ऐसी बात है ? तो चल उतार यह कपडे और दिखा मुझे भी वह हुस्न जो अपने यार को दिखा रही थी
ताऊ जी प्लीज ऐसा मत कॆजिये…"प्लीज़"
अच्छा अभी कह रही थी सब कुछ करेगी मेरे कहने पर ...मैं ऐसे प्लीज होने वाला नहीं हूँ

अनु ने रोते हुए अपना कुरता और सलवार उतार दी और ब्रा और पेंटी मैं आ गयी
वाह क्या हुस्न पाया था लड़की ने , बिलकुल माँ पर जा रही थी , रमा की तरह उस के भी भारी भरी स्तन थे और गांड मस्त होती जा रही थी  मैं ने सोचा जब इन पर मर्द का हाथ लगेगा तो और चमक जायेगी
इन को भी उतार

नहीं ताऊ जी , इतना ही ...
अच्छा ठीक हैं मुझे रमा से ही कह कर तेरी फ़ुद्दी के दर्शन करने पड़ेंगे
नहीं प्लीज अच्छा लीजिये आप कहते हैं तो

उस ने ब्रा उतार दी ... उफ़ मेरा लैंड मेरे कछ्छे मैं उछलने लगा

अब मैं आगे बढ़ा और उस की पेंटी नीचे सरका कर उस की प्यारी प्यारी चूत  को पहली बार मर्द की आँखों के सामने किया

उस ने जांघें सिकोड़ कर अपने नंगे पैन को छुपाना चाहा मगर मैं ने उस को दबोच लिया
और अपने कपडे उतारने लगा

जल्दी ही मेरे लौड़ा बहार आ गया और मैं ने अनु को बिस्तर पर पटक डाला और उस के मुंह पर अपने होंठ दबा दिए जिस से उस की आवाज़ ही ना निकले
फिर जबदरदस्ती उस की टाँगे फैला कर उस की चूत  को अपने लंड  के सामने किया और अपने लंड  का सुपाड़ा उस के छेद  मैं घुसा दिया
अनु दर्द से छटपटा रही थी और उस की आँखों से आंसूं निकल रहे थे मगर इस के इलावा उस ने कुछ नहीं  किया

मैं थोड़ी देर ऐसे ही रुका जिस से लड़की थोड़ी ढीली पद जाए और उस के बाद लंड और आधा उस की चुत मैं सरका दिया गरम गरम खून की धार अनु की चूत से बहती हुयी बिस्तर पर जाती महसूस हो रही थी मेरा लंड अपने जीवन की तीसरी कुंवारी और पांचवीं चूत पा का मस्त हो रहा था यह सोच सोच कर मेरा लंड और ज्यादा फूल गया था और अनु की पतली सी चूत मैं कस  के फंसा हुआ था

जब मैं कुछ देर रुका रहा तो अनु भी कुछ शांत हुयी इस के बार मैं ने धीरे धीरे अनु की चूत मैं अपना लंड अंदर बहार करना शुरू किया एक टाइट चूत की गहराई तक लंड घुसाने मैं बड़ा मजा आ रहा था पांच मिनट के बाद मुझे लगा अब अनु रोयेगी नहीं और  मैं ने अपना हाथ उस के मुंह से हटा लिया , लड़की सच मैं रोना बंद कर चुकी थी फिर तो मैं ने अपने झटके तेज कर दिए और पांच मिनट के बाद अनु अपने चूतड़ उचका उचका कर चुदाई करव रही थी  मस्त हो गया और कस के पेलने लगा फिर थोड़ी ही देर मैं अनु ने मुझे जकड लिया और झड़ने लगी अपनी पहली ही चुदाई मैं पूरा संतोष बहुत काम लड़किओं को मिलता है अनु अब औरत बन चुकी थी और चुदाई का असली मजा भी ले चुकी थी।  मुझे पता था अब वह मुझ से खूब चुदेगी। शाम को मैं ने रमा को बता दिया के मैं ने उस की कली को फूल बना दिया है पहले तो वह नाराज़ हुयी मगर जब मैं ने उस को पूरी बात बतायी तो वह बोली ठीक किया बाहर वाले से अच्छा है घर के लोग कच्ची कली का मजा लें

इस के बाद मैं ने अनु को कई बार चोदा और फिर उस की शादी राहुल से करवा दी राहुल के साथ उस की सुहाग रात के दिन मैं और रमा उन के कमरे मैं घुस गए और राहुल के सामने ही उस की दुहन अनु को ननगा कर के चोदा इसी बीच रमा भी नंगी हो चुकी थी और राहुल से चुदवाने लगी इस तरह बेचारे राहुल को अपनी पहली सेक्स अपनी सासू से करनी पडी

अब राहुल की एक्सीडेंट मैं मौत हो चुकी है और मैं अनु को अपने साथ रखता हूँ रोज़ रात चोद्ने के लिए





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